Wednesday, July 6, 2022
Subscribe to:
Comments (Atom)
युद्ध करूणा का अंत है
यदि आपके पास थोड़ा-सा समय है , थोड़ा-सा धैर्य है , बचा हुआ ! यकीनन , थोड़ी फुरसतिया में हों और ठहर सकें तो ठहरिए , रुकिए और देखिए !! नीलोत्प...
-
जसिंता केरकेट्टा झारखंड से आती हैं । सुस्पष्ट दृष्टि संपन्न कवि हैं । आदिवासी समाज और उनके दुःख दर्द की व्यापक समझ और चेतना के परस्पर ही वे ...
-
भास्कर की चिंताए वाज़िब है । दिशाएं वाज़िब है । 'विकास' जिसे कि साबित करने की होड़ - सी मची है । वस्तुत: वह विकास से कहीं ज्यादा हम...
-
सुरेश शर्मा बीसवीं सदी के नवें दशक के कवि हैं । मानवीय मूल्यों के स्थापत्य के प्रति कटिबद्ध तथा निरंतर चिंतनशील कवि हैं । उनकी रचनाशीलता समा...